Adbhut Ras : अद्भुत रस की परिभाषा उदाहरण सहित

इस पोस्ट में आपको अद्भुत रस की परिभाषा, Adbhut Ras Kise Kehte Hai, अद्भुत रस का उदाहरण व्याख्या सहित बताने वाले है.

इस पोस्ट में हमने Adbhut Ras ke 10 Udaharan और प्रत्येक उदाहरण को व्याख्या सहित समझाया है जिससे आप इस रस को बिलकुल अच्छे से समझ जाओगे.

अद्भुत रस किसे कहते है?

जब किसी काव्य या फिर किसी प्रसंग को सुनकर या किसी असामान्य घटना के दृश्य, कार्य, या फिर वस्तु से एक विस्मय या आश्चर्य उत्पन्न होतो उसे अदभुत रस कहते है.

अद्भुत रस का स्थाई भाव आश्चर्य होता है.

अद्भुत रस में किसी विचित्र अभूतपूर्व साधारण वस्तु को देखने, सुनने से हृदय में जो आश्चर्य का भाव आता है उसका वर्णन करना अद्भुत रस कहलाता है.

अद्भुत रस में रोमांच, आंखें फटी की फटी रह जाना, दांतों तले उंगली दबाना, मुंह का खुला का खुला रह जाना, स्तब्ध रह जाना आदि सभी क्रियाएं इस रस में अनुभाव की जाती है.


Adbhut Ras

अद्भुत रस के उदाहरण- Adbhut Ras Ka Udaharan

उदाहरण-1

अखिल भुवन चार अपर जग हरिमुख में लखी मातु
चकित भयी गदगद वचन विकसत दृग पुलकातु

व्याख्या सहित- इस उदाहरण में मां यशोदा जब भगवान कृष्ण के मुंह में अखिल भुवन, चार अचर प्राणियों को देखकर और उनके मुंह में पूरे ब्रह्मांड की क्रियाएं होती हुई देखकर माँ यशोदा आश्चर्यचकित रह जाती है इसलिए इस उदाहरण में अद्भुत रस है.

उदाहरण-2

केशव नहि न जाई का कहिये।
देखत तब रचना विचित्र अति समुझि मन रहिये
शून्य भीती पर चित्र नहीं तनु बिन लिखा चितेरे
धाय मिटे न भरे भीति दुःख पाइय इहि तनु हेरे
रविकर नीर बसे अतिदारून मकर रूप तोहं मांही
बदन हीन सो गुसे चराचर पानकरन जे जा रही
कोऊ कह सत्य झूठ कह कोऊ जुगल प्रबल कोऊ मानै
तुलसीदास परिहरै तेन भ्रम सो आतम पह्चाने

व्याख्या सहित- इस उदाहरण में तुलसीदास जी संसार की विचित्रता विलक्षणता और अद्भुत कार्यों को देखकर कुछ ना कह पाना, भ्रम में पड़ जाना यह सभी क्रियाएं अद्भुत रस का एक भाग है इसलिए इस उदाहरण में अद्भुत रस विद्यमान है.

उदाहरण-3

देखरावा मातहि निज अदभुत रूप अखण्ड
रोम रोम प्रति लगे कोटि-कोटि ब्रह्माण्ड
अगनित रवि ससि सित चतुरानन
बहु गिरी सिन्धु महि कानन
तनु पुलकित मुख वचन न आवा
नयन मुदीं भरनन सिर नावा

व्याख्या सहित- इस उदाहरण में मां कौशल्या श्री राम के अद्भुत रूप को देखकर उनकी अद्भुतता को देखकर रोम रोम में करोड़ों ब्रह्मांड,असंख्य सूर्य, नेत्रों को मूंदना आदि क्रियाएं रोमांच से भर देती हैं इसीलिए इस उदाहरण में अद्भुत रस है.

उदाहरण-4

इहाँ उहाँ हुई बालक देखा ।
मति भ्रम मोर कि भान विसरेवा
तनु पुलकित मुख वचन न आवा
नयन मुदीं भरनन सिर नावा

व्याख्या सहित- उदाहरण में भीमाता कौशल्याराम और लक्ष्मण दोनों बालकों के बाल रूप को देखकर और उनकी सुंदरता को देखकर मुंह से शब्द ना निकालनाआंखें बंद कर बाल रूपको प्रणाम करनायह सभी क्रियाएं अद्भुत रस का भाग हैं अतः इस उदाहरण में अद्भुत रस है.

उदाहरण-5

मैं फिर भूल गया इस छोटी सी घटना को
और बात भी क्या थी, याद जिसे रखता मन!
किंतु, एक दिन जब मैं संध्या को आँगन में
टहल रहा था, तब सहसा मैंने जो देखा
उससे हर्ष विमूढ़ हो उठा मैं विस्मय से!
देखा, आँगन के कोने में कई नवागत
छोटी-छोटी छाता ताने खड़े हुए हैं।

उदाहरण-6

जहँ अनहोने देखिए, बचन रचन अनुरूप।
अद्भुत रस के जानिये, ये विभाव स्रु अनूप।।
बचन कम्प अरु रोम तनु, यह कहिये अनुभाव।
हर्श शक चित मोह पुनि, यह संचारी भाव।।
जेहि ठाँ नृत्य कवित्त में, व्यंग्य आचरज होय।
ताँऊ रस में जानियो, अद्भुत रस है सोय।

उदाहरण-7

अखिल भुवन चर- अचर सब
हरि मुख में लखि मातु।
चकित भई गद्गद् वचन
विकसित दृग पुलकातु॥ देखी राम जननी अकलानी।
प्रभू हँसि दीन्ह मधुर मुसुकानी।।

उदाहरण-8

सुत की शोभा को देख मोद में फूली,
कुन्ती क्षण भर को व्यथा-वेदना भूली।
भरकर ममता-पय से निष्पलक नयन को,
वह खड़ी सींचती रही पुत्र के तन को।

उदाहरण-9

भए प्रकट कृपाला दीनदयाला कौसल्या हितकारी।
हरषित महतारी मुनि मन हारी अद्भुत रूप विचारी।।

उदाहरण-10

देख यशोदा शिशु के मुख में, सकल विश्व की माया
क्षणभर को वह बनी अचेतन, हिल न सकी कोमल काया

उदाहरण-11

बिनू पद चलै सुने बिनु काना।
कर बिनु कर्म करै विधि नाना।।

उदाहरण-12

ब्रज बछरा निज धाम करि फिरि ब्रज लखि फिरि धाम।
फिरि इत र्लाख फिर उत लखे ठगि बिरंचि तिहि ठाम’।।

उदाहरण-13

पद पाताल सीस अजयधामा, अपर लोक अंग-अंग विश्राम
भृकुटि बिलास भयंकर काला, नयन दिवाकर कच धन माला।

उदाहरण-14

दूध-दूध गंगा तू ही अपनी पानी को दूध बना दे
दूध-दूध उफ कोई है तो इन भूखे मुर्दों को जरा दें।

यह भी पढ़े :-

श्रृंगार रस हास्य रस
वात्सल्य रस अद्भुत रस
वीर रस  रौद्र रस 
शांत रसभक्ति रस

निष्कर्ष :-

ऊपर जितने भी उदाहरण दिए गए हैं उनको हमने व्याख्या करके समझाया है आशा करते हैं आप प्रत्येक उदाहरण को समझ चुके होंगे. अद्भुत रस के बहुत उदाहरण होते हैं लेकिन जो महत्वपूर्ण उदाहरण है वह हमने ऊपर आपको प्रदान कर दिए हैं.

परीक्षा में यदि आपको उदाहरण की जरूरत हो तो आप इन उदाहरण को पढ़ कर सकते हैं इसी प्रकार के अन्य रस से सम्बंधित जानकारी कल इए हमने ऊपर लिंक दे रखे हैं तो उनके बारे में भी आप पढ़ सकते हैं.

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